भारत में राशन कार्ड कितने प्रकार के होते हैं

राशन कार्ड क्या है?

राशन कार्ड भारत सरकार द्वारा जरी किया गया एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है जो नागरिक की पहचान और आवासीय पते के सबूत के रूप में कार्य करती है, और भारतीयों को सब्सिडी वाले भोजन और बुनियादी उपयोगिता उत्पादों को दिलाने में मदद करती है। एक पहचान प्रमाण दस्तावेज के रूप में, इसका उपयोग ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और पासपोर्ट जैसे अन्य आवश्यक दस्तावेजों को बनवाने के लिए किया जा सकता है। इसका उपयोग आवासीय पते के सबूत के रूप में भी किया जा सकता है।

हालांकि राशन कार्ड का सबसे महत्वपूर्ण कार्य आर्थिक रूप से कमजोर भारतीय लोगों को चावल, गेहूं, चीनी और केरोसिन जैसे आवश्यक उत्पादों को सस्ते दामो में लाभ उठाने में मदद करने में सक्षम बनाता है। यह इन व्यक्तियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से बुनियादी दैनिक जरूरतों तक पहुंचने में मदद देता है।

Types of Ration Card in India English

राशन कार्ड का उपयोग

राशन कार्ड एक आवश्यक दस्तावेज है, इसीलिए इसकी आवश्यकता हमें बहुत जगह पर पड़ती है, जिनकी सूचि निचे दी हुई है।

1. राशन दुकान से खाद्य पदार्थ जिसमे गेहू, चावल, शक्कर तथा एलपीजी, केरोसेन खारिदने के लिए

2. बैंक अकाउंट खोलने के लिए

3. स्कूल-कॉलेज में

4. कोर्ट-कचेहरी में

5. मतदान कार्ड बनाने के लिए

6. मोबाइल सिम कार्ड खरीदने के लिए

7. पासपोर्ट बनाने के लिए

8. ड्राइविंग लाइसेंस के लिए

9. LPG कनेक्शन के लिए

10. Life Insurance निकालने के लिए

11. सरकारी और निजी कार्यालयों में

राशन कार्ड की श्रेणियाँ और प्रकार

राशन कार्ड सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी भारतियों को राशन कार्ड प्रदान करता है, इसमें विभिन्न प्रकार की श्रेणिया होती हैं, प्रत्येक एक विशिष्ट आर्थिक ब्रैकेट से संबंधित होते हैं, और लाभ के स्तर तक पहुंचने में मदद करते हैं। इन आर्थिक श्रेणियों का निर्णय कुल घरेलू आय के आधार पर किया जाता है, जहां एक परिवार में एक मुखिया होता है, और परिवार के सभी सदस्य जो एक साथ रहते हैं, और किसी अन्य परिवार का हिस्सा नहीं हैं।

4 प्रकार के राशन कार्ड होते है

भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 4 प्रकार के राशन कार्ड हैं। आसानी से पहचाने जाने के लिए इन  राशन कार्ड को अलग – अलग रंगों में बनाए गए हैं, और लाभ के विभिन्न स्तर प्रदान करते हैं|

1. नीले रंग का राशन कार्ड
2. गुलाबी रंग का राशन कार्ड
3. सफेद या मानद रंग का राशन कार्ड
4. अंत्योदय अन्ना योजना राशन कार्ड

पिछले दो वर्षों में, नकली राशन कार्डों के माध्यम से भ्रष्टाचार को कम करने के प्रयास में, भारत सरकार ने आधार कार्ड के साथ राशन कार्ड को लिंक करके और इलेक्ट्रॉनिक पीओएस मशीनों का उपयोग करके राशन कार्ड को डिजिटाइज करने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर दिया है।

नीले रंग के राशन कार्ड की श्रेणी

गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को जारी किया गया, यह कार्ड नीले, हरे, या पीले रंग के रंग में राज्य या संघीय क्षेत्र के आधार पर रंगा हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में, इस आर्थिक ब्रैकेट की ऊपरी सीमा 6400, रुपये प्रति वर्ष पर निर्धारित की जाती है। जबकि शहरी क्षेत्रों में, ऊपरी सीमा रु 11,850 प्रति वर्ष सभी परिवार जिनकी कुल वार्षिक आय इस सीमा के भीतर आती है वे नीले राशन कार्ड के लिए पात्र हैं।

यह कार्ड अधिकतम लाभ की अनुमति देता है, और उन परिवारों को जारी किया जाता है जिनके पास एलपीजी या गैस कनेक्शन नहीं है, और उन्हें सब्सिडी वाले खाद्य उत्पादों के अलावा सब्सिडी वाले केरोसिन प्रदान करता है।

गुलाबी रंग के राशन कार्ड की श्रेणी

यह कार्ड उन परिवारों को जारी किया जाता है जिनकी कुल वार्षिक आय गरीबी रेखा से ऊपर होती है। ग्रामीण इलाकों में, जिन परिवारों की कुल आय 6400 रुपये प्रति वर्ष से अधिक है और जो सब्सिडी वाले खाद्य उत्पादों तक लेना चाहते हैं, उन्हें कार्ड जारी किया जाता है, यह कार्ड रंग में नारंगी दिखाई देता है। शहरी क्षेत्रों में, जिन परिवारों की कुल आय 11,850 रुपये प्रति वर्ष से ऊपर है। उन्हें राशन कार्ड जारी किए जाते हैं, और कार्ड का रंग गुलाबी होता है और इसमें परिवार के मुखिया की तस्वीर भी शामिल होती है।

सफ़ेद रंग के राशन कार्ड की श्रेणी

यह कार्ड उन परिवारों को जारी किया जाता है जो आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं, और जिन्हें सब्सिडी वाले उत्पादों और सेवाओं की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे परिवारों के लिए, राशन कार्ड को सफ़ेद या मानद कार्ड कहा जाता है और केवल पहचान और आवासीय पते के प्रमाण के रूप में उपयोग किया जाता है।

अंत्योदय अन्ना योजना कार्ड की श्रेणी

यह राशन कार्ड भारत के सबसे गरीब परिवारों को जारी किया जाता है, जिनके पास आय का स्थिर स्रोत नहीं होता है| (यानी) जिनके पास साल भर में अलग-अलग धनराशि आ रही है। इस श्रेणी में मौसमी श्रमिकों और मजदूरों, बुजुर्गों और बेरोजगारो को शामिल किया जाता हैं। इस आर्थिक ब्रैकेट के लिए ऊपरी सीमा औसत 250 रुपए प्रति माह पारिवारिक आय होती है। 3 रुपए प्रति किलो चावल 35 किलोग्राम सहित अत्यधिक सब्सिडी वाली वस्तुओं को मिलने में मदद करता है।

यद्यपि समाज में विभिन्न प्रकार की श्रेणियों के लोगों के लिए विभिन्न प्रकार के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं| जिसकी जानकारी हमने आपको अपनी इस पोस्ट में बताई है|

8 thoughts on “भारत में राशन कार्ड कितने प्रकार के होते हैं

  1. उत्तर प्रदेश में बिना सर्वे ही किए राशन कार्ड की श्रेणियां जारी कर दी जाती है जो पात्र है उसे अपात्र वाली श्रेणियों में शामिल कर दिया जाता है आज जो पात्र नहीं है उसे पात्र वाले श्रेणियों में शामिल कर दिया जाता है जैसे जो आर्थिक रूप से मजबूत है उन्हें गरीबी रेखा से नीचे वाले पात्र में शामिल कर दिया जाता है और जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं उसे गरीबी रेखा के ऊपर वाली श्रेणी में शामिल कर दिया जाता मुख्य अधिकारियों से निवेदन है सर्वे करके ही राशन कार्ड जारी करें ताकि गरीबों को सही मायने में उनको को लाभ मिले।

  2. Hamare ration card mein sirf Hamare Pitaji aur mummy ka naam hai, lekin Ham Bhai Bahan ka Kisi Ka Naam add Nahin Hai. Hamare Naam add karne ke liye koi solution Den please aap se hath Jod kar rahe hain.

  3. Mera name ration card se cut kar diya gya hai use kaise jode jayenge plz reply dijiye plz plz plz plz

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